रायपुर। महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, समाज और पूरा राज्य मजबूत होता है। उन्होंने अपने निवास, नया रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ वितरण कार्यक्रम में यह उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ वितरित किए। इस अवसर पर श्रीमती शैलेन्द्री कुर्रे, श्रीमती डिगेश्वरी निषाद, श्रीमती अनिता ताण्डी, श्रीमती सुमन वर्मा, श्रीमती दीपाली राजपूत, श्रीमती दीपा सोनी, श्रीमती कामिनी बोथरा, श्रीमती सुभद्रा निर्मलकर, श्रीमती गीता साहू एवं श्रीमती प्रीति साहू सहित कई हितग्राही उपस्थित रहीं। मंत्री ने बताया कि ‘मिलेट्स कार्ट’ अभियान महिलाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। कांकेर जिला के नरहरपुर ग्राम की श्रीमती लोकेश्वरी रसिया और अन्य महिलाये प्रतिदिन 2 से 3 हजार रुपये तक तथा प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, क्षमता और समान अवसर विकसित करने की सतत प्रक्रिया है। जब महिलाएं शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों का समग्र विकास होता है तथा राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होती है।
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